PCOS क्या है?
PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) एक हार्मोनल विकार है जो महिलाओं में अंडाशय और हार्मोन के असंतुलन के कारण होता है। इस स्थिति में महिलाओं के अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट (cysts) बन जाते हैं, और इसके कारण मासिक चक्र अनियमित हो जाता है, वजन बढ़ता है, और बालों का अधिक होना या झड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
PCOS के प्रमुख लक्षण:
मासिक धर्म अनियमितता
चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल
मोटापा और वजन बढ़ना
त्वचा पर मुँहासे और डार्क पैच
अंडाशय में सिस्ट
PCOS आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेद के अनुसार, PCOS मुख्यतः वात, पित्त और कफ दोषों के असंतुलन के कारण होता है। आयुर्वेद में इसे “Yonivyapat” और “Vata-Pitta-Kapha imbalance” के रूप में देखा जाता है। आयुर्वेदिक उपचार में जड़ी-बूटियाँ, आहार, योग और जीवनशैली पर ध्यान दिया जाता है।
1. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ
कुछ प्रभावी जड़ी-बूटियाँ जो PCOS में सहायक हैं:
शतावरी (Shatavari): हार्मोन संतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी।
कपूर (Ashwagandha): तनाव कम करने और इंसुलिन प्रतिरोध को नियंत्रित करने में मदद करता है।
मेथी (Fenugreek): रक्त शर्करा नियंत्रित करता है और मासिक धर्म नियमित करता है।
जीरा (Cumin): पाचन सुधारता है और शरीर से अतिरिक्त टॉक्सिन निकालता है।
अमरबेल (Giloy): रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और शरीर की सूजन कम करता है।
2. आहार में बदलाव
PCOS में आहार का बड़ा प्रभाव होता है। आयुर्वेद के अनुसार, संतुलित आहार से कफ और वात दोष नियंत्रित होते हैं।
सेवन करें: ताजे फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज, हल्दी वाला दूध
बचें: तैलीय, जंक फूड, मीठे और प्रोसेस्ड खाने
पानी पर्याप्त पिएं: शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद करता है।
3. योग और व्यायाम
योग और हल्का व्यायाम PCOS के लिए बेहद लाभकारी हैं।
सूर्य नमस्कार: हार्मोन संतुलन और वजन नियंत्रण में मदद करता है।
भुजंगासन: पेट और हार्मोन स्वास्थ्य के लिए।
पवनमुक्तासन: पाचन सुधारता है और पेट की चर्बी कम करता है।
धीरे चलना, तैराकी और योगासन: इन्सुलिन प्रतिरोध कम करते हैं।
4. जीवनशैली में सुधार
नियमित नींद लें और तनाव कम करें।
समय पर भोजन करें और रात का भोजन हल्का रखें।
तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) और प्राणायाम करें।
अत्यधिक कैफीन और शराब से बचें।
PCOS के लिए घरेलू नुस्खे
मेथी का पानी: 1 चम्मच मेथी के बीज को रात भर भिगोकर सुबह खाली पेट पीएं।
शतावरी का दूध: शतावरी पाउडर 1 चम्मच गर्म दूध में मिलाकर लें।
अदरक और हल्दी वाली चाय: सूजन और हार्मोन संतुलन के लिए।
PCOS के लिए आयुर्वेदिक उपचार Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. PCOS आयुर्वेद से पूरी तरह ठीक हो सकता है?
A1. आयुर्वेदिक उपचार लक्षण कम करने और हार्मोन संतुलन सुधारने में मदद करता है। पूर्ण सुधार व्यक्तिगत स्वास्थ्य, उम्र और जीवनशैली पर निर्भर करता है।
Q2. PCOS में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियाँ सुरक्षित हैं?
A2. शतावरी, अश्वगंधा, मेथी, हल्दी और गिलोय सामान्य रूप से सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन गर्भावस्था या किसी अन्य दवा के साथ लेने से पहले चिकित्सक से परामर्श ज़रूरी है।
Q3. PCOS का इलाज करने में समय कितना लगता है?
A3. नियमित आयुर्वेदिक उपचार, आहार और योग से लक्षण 3–6 महीनों में सुधारने लगते हैं, लेकिन हार्मोन संतुलन में समय लग सकता है।
Q4. PCOS वाले लिए योग कितना जरूरी है?
A4. योग और व्यायाम हार्मोन संतुलन, वजन नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।





